देवतुल्य जनता का ये प्रेम सिर-आंखों पर
देवतुल्य जनता का ये प्रेम सिर-आंखों पर

देवतुल्य जनता का ये प्रेम सिर-आंखों पर


देवतुल्य जनता का ये प्रेम सिर-आंखों पर…
आपके इस अपनत्व और प्रेम ने अनवरत सेवा हेतु मेरी ऊर्जा को बल दिया है।


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